शनिवार, अप्रैल 23

गर हो राह में काटे तेरे, पत्थर बरसते हो हर पल
समझ लेना दोस्त मेरे,
नेकी की राह पर चलने लगा है तू इन दिनों..
.

G.J.

1 टिप्पणी:

SAJAN.AAWARA ने कहा…

BAHUT KHUB. . . NEKI KI RAHA AASAN NAHI HOTI. . . . . . . JAI HIND JAI BHARAT