गुरुवार, जून 9

कही रौनक, कही अँधेरा!!!
कही सन्नाटा शाम का,
तो कही है सवेरा!!!
हर एक मोड़ पर नया रंग,
जैसे जंगलो में
मन बदलता हो कोई बघेरा!!!
बचना सीख ले,
चारो ओर आग का ताव !!!!!
रख हिम्मत,
चाहे धुप हो या छाव!!!!
@G.J.

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