गुरुवार, मार्च 13

कुछ तुम कम अक्लमंद हो,
कुछ हम जताते कम हैं,
इसलिए तो,
तुम बोलते चले जाते हो,
जब हमारा कद देखते हो,
और हम मौन पी जाते हैं,
जब तुम्हारा कद देखते हैं।
© गुंजन झाझारिया

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